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Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई

हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई

हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई सब एक हैं इंसान से बढ कर कोई जात नहीं

Jun 10, 2014

बीता खुशियों का आसमां

बीता खुशियों का आसमां

बीता खुशियों का आसमां कि फिर दुःख की गहराईयों में डूबना पड़ा

Jun 9, 2014

मुझे चुप कराने आती

मुझे चुप कराने आती

मैं रोज रूठ जाता, गर वो मुझे मनाने आती

Jun 9, 2014

इतना लिपट कर रोया माँ से,

इतना लिपट कर रोया माँ से,

इतना लिपट कर रोया माँ से, मेरे आसूँ मोती बन गए

Jun 9, 2014

रिश्ते तोड़ आया हूँ

रिश्ते तोड़ आया हूँ

अपने घर के उस आँगन को मैं छोड़ आया हूँ

Jun 9, 2014

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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