मैं रोज रूठ जाता, गर वो मुझे मनाने आतीमैं इतना न सताता, गर वो मुझे सताने आतीमैं भी जी लेता सुकून के दो दिन रात दोस्तोंमेरे रोने पर, गर खुद वो मुझे चुप कराने आती
मैं रोज रूठ जाता, गर वो मुझे मनाने आती
Jun 9, 2014
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मैं रोज रूठ जाता, गर वो मुझे मनाने आतीमैं इतना न सताता, गर वो मुझे सताने आतीमैं भी जी लेता सुकून के दो दिन रात दोस्तोंमेरे रोने पर, गर खुद वो मुझे चुप कराने आती