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Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
मंहगाई ...

मंहगाई ...

क्या राज आया है, पहाड़ो सी ऊँचाईयो को छू रही है मंहगाई

Aug 4, 2014

दोस्ती खिलौना नहीं

दोस्ती खिलौना नहीं

मेरी दोस्ती किसी जौहरी का जेवर नहीं, कि कोई आये और लूट जाये

Aug 3, 2014

हजारो गर्दन भी कट जाती हैं

हजारो गर्दन भी कट जाती हैं

ज्यादा फ़ैलाने पर पैर, बड़ी से बड़ी चादर भी फट जाती है

Aug 2, 2014

ख़ास हैं मेरी दोस्त ...

ख़ास हैं मेरी दोस्त ...

अच्छा था कि वो हमसे नाराज थी इतनी और हमे मनाना आ गया

Jul 31, 2014

समय के साथ बदलते हैं लोग....फर्क देखिये

समय के साथ बदलते हैं लोग....फर्क देखिये

वो कहती थी

Jul 31, 2014

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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