क्या राज आया है, पहाड़ो सी ऊँचाईयो को छू रही है मंहगाईकोई भी सुनने को तैयार नहीं है, आम जनता बेचारी तंग आईपहले तीन वक़्त की खाते थे रोटियां अब एक बार खा लेंगे हमपर एक वक़्त मुश्किल से खाते थे वो गरीब मांग रहें हैं दुहाई

#गुनी …