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Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
भरनी हो देश प्रेम की चाहत

भरनी हो देश प्रेम की चाहत

जानने होते है हालात देश के तो समाचार देखता हूँ

Aug 13, 2014

वीर जवान चाहिए

वीर जवान चाहिए

अमन तो मुमकिन है , बस कुछ वीर – जवान चाहिए

Aug 13, 2014

न्यारे होने आ गए

न्यारे होने आ गए

गर तुम आसमाँ हो हम चाँद तारे होने आ गए

Aug 13, 2014

शेर दहाड़ पर सो जाए

शेर दहाड़ पर सो जाए

वीर नहीं बुजदिल हैं वो जो दुश्मन पीठ दिखाकर भाग जाए

Aug 12, 2014

आँखों की शर्मिंदगी

आँखों की शर्मिंदगी

कभी ठोकर खाती है कभी ठोकर खिलाती है जिन्दगी तेरी

Aug 11, 2014

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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