कभी ठोकर खाती है कभी ठोकर खिलाती है जिन्दगी तेरीकभी महबूब तो कभी अल्लाह , याद दिलाती है बंदगी तेरीमैं बस सर उठा कर जीता था सारे जहान में तेरे ही फक्र मेंअब मेरी भी आँखे झुका देती है ये आँखों की शर्मिंदगी तेरी
#गुनी …
कभी ठोकर खाती है कभी ठोकर खिलाती है जिन्दगी तेरी
Aug 11, 2014
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कभी ठोकर खाती है कभी ठोकर खिलाती है जिन्दगी तेरीकभी महबूब तो कभी अल्लाह , याद दिलाती है बंदगी तेरीमैं बस सर उठा कर जीता था सारे जहान में तेरे ही फक्र मेंअब मेरी भी आँखे झुका देती है ये आँखों की शर्मिंदगी तेरी
#गुनी …