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Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
माँ का कर्ज

माँ का कर्ज

लाखो करोड़ो हीरे जेवरात देकर भी माँ का कर्ज अदा नहीं होता

May 9, 2015

गलती की तुझे चाहने की

गलती की तुझे चाहने की

तुम्हे जानकर खुशी होगी...

May 9, 2015

चहरे बदल डाले

चहरे बदल डाले

इंसान ही कहाँ था वो, जिसने गहरी बुनियाद के रिश्ते गहरे कुचल डाले

May 3, 2015

आज के आज मर जाना चाहिए

आज के आज मर जाना चाहिए

मानो मेरी बात, कमाओ बस इतना कि भूखा तेरा पेट भर जाना चाहिए

May 3, 2015

शौक हमारा था

शौक हमारा था

जिंदगी हमेशा सरल ही थी, उलझने पैदा करने का शौक तुम्हारा था...

May 3, 2015

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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