लाखो करोड़ो हीरे जेवरात देकर भी माँ का कर्ज अदा नहीं होता
May 9, 2015
तुम्हे जानकर खुशी होगी...
इंसान ही कहाँ था वो, जिसने गहरी बुनियाद के रिश्ते गहरे कुचल डाले
May 3, 2015
मानो मेरी बात, कमाओ बस इतना कि भूखा तेरा पेट भर जाना चाहिए
जिंदगी हमेशा सरल ही थी, उलझने पैदा करने का शौक तुम्हारा था...