इस चिंगारी से कुछ ना होगा फिर एक बार मसाल जलानी होगीचाकू – छुरी रखो संभाल अब की बार हमें तलवार चलानी होगीऔर ये काफ़िर भूल गया सही गलत को, पिता पुत्र के रिश्ते कोथर थर काँपेगा बस इसको फिर भगत की तस्वीर दिखानी होगी
#गुनी…
इस चिंगारी से कुछ ना होगा फिर एक बार मसाल जलानी होगी
Oct 18, 2014
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इस चिंगारी से कुछ ना होगा फिर एक बार मसाल जलानी होगीचाकू – छुरी रखो संभाल अब की बार हमें तलवार चलानी होगीऔर ये काफ़िर भूल गया सही गलत को, पिता पुत्र के रिश्ते कोथर थर काँपेगा बस इसको फिर भगत की तस्वीर दिखानी होगी
#गुनी…