कई दफा सोचा, कि छुपा लूं दर्द सारामगर ये आँसु हैं मेरे जो रुकते ही नहीं
संभल जाता मैं गिरने से पहले दोस्तोमगर, बाज़ार में तजुर्बे बिकते ही नहीं
#गुनी…
कई दफा सोचा, कि छुपा लूं दर्द सारा
Jan 6, 2016
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कई दफा सोचा, कि छुपा लूं दर्द सारामगर ये आँसु हैं मेरे जो रुकते ही नहीं
संभल जाता मैं गिरने से पहले दोस्तोमगर, बाज़ार में तजुर्बे बिकते ही नहीं
#गुनी…