छोटी सी कोशिश मेरी
बिलकुल नासमझ हूँ दोस्तों कभी तिरंगे में जान लिखता हूँकभी कभी माटी की खातिर मैं जान को कुर्बान लिखता हूँऔर रोज सपने में पूछता है खुदा इस जहाँ का नाम मुझसेहोंगे मुल्क हज़ार बेसक , मैं तो सिर्फ हिंदुस्तान लिखता हूँ
#गुनी…
छोटी सी कोशिश मेरी
Jan 22, 2015
•
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छोटी सी कोशिश मेरी
बिलकुल नासमझ हूँ दोस्तों कभी तिरंगे में जान लिखता हूँकभी कभी माटी की खातिर मैं जान को कुर्बान लिखता हूँऔर रोज सपने में पूछता है खुदा इस जहाँ का नाम मुझसेहोंगे मुल्क हज़ार बेसक , मैं तो सिर्फ हिंदुस्तान लिखता हूँ
#गुनी…