सिर्फ तुम…हां तुम…ओह हो अरे बाबा तुम
बेसक कमबख्त जीत गयी जंग, मेरा दिल तोड़करआज ही की तो बात है चली गयी अकेला छोड़करवायदा किया था कभी दूर तलक साथ निभाने काशायद मंद हवा थी, चली गयी राह मे मुँह मोड़कर
#गुनी…
सिर्फ तुम...हां तुम...ओह हो अरे बाबा तुम
May 30, 2015
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सिर्फ तुम…हां तुम…ओह हो अरे बाबा तुम
बेसक कमबख्त जीत गयी जंग, मेरा दिल तोड़करआज ही की तो बात है चली गयी अकेला छोड़करवायदा किया था कभी दूर तलक साथ निभाने काशायद मंद हवा थी, चली गयी राह मे मुँह मोड़कर
#गुनी…