एक जमाना हुआ, जब हमने एक शख्स को होता दीवाना देखालोगो को अपना बनाने के खातिर अपनों का होता बेगाना देखाफूल मुरझा जाते है समय के साथ इस प्रेम के बाग़ – बागीचे में मिटा मत देना रिश्तो को हमने रिश्ते को कहीं होता पुराना देखा
#गुनी…!
एक जमाना हुआ, जब हमने एक शख्स को होता दीवाना देखा
Sep 11, 2014
•
2 min read
एक जमाना हुआ, जब हमने एक शख्स को होता दीवाना देखालोगो को अपना बनाने के खातिर अपनों का होता बेगाना देखाफूल मुरझा जाते है समय के साथ इस प्रेम के बाग़ – बागीचे में मिटा मत देना रिश्तो को हमने रिश्ते को कहीं होता पुराना देखा
#गुनी…!