प्रेम से ज्यादा, नफ़रत से भरी पड़ी है लोगो के दिल की दुकानईंट-पत्थर से घर बनाए बहुत दिल में न बना पाया कोई मकानशायद गलती से कोई हमदर्द, कर भी दे मदद यहाँ मेरे वतन मेंहाँ दिल तो दिखाते ही थे अब तो पत्थर भी दिखाते हैं ऐहसान
#गुनी …!
प्रेम से ज्यादा, नफ़रत से भरी पड़ी है लोगो के दिल की दुकान
Sep 12, 2014
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प्रेम से ज्यादा, नफ़रत से भरी पड़ी है लोगो के दिल की दुकानईंट-पत्थर से घर बनाए बहुत दिल में न बना पाया कोई मकानशायद गलती से कोई हमदर्द, कर भी दे मदद यहाँ मेरे वतन मेंहाँ दिल तो दिखाते ही थे अब तो पत्थर भी दिखाते हैं ऐहसान
#गुनी …!