ऐ गुस्ताख , चाँद की झूठी चाँदनी पर ऐतबार न करदुनियां परायो की है अपना समझ मगर प्यार न करऔर शतरंज का खेल खेलते हैं , परिंदे भी यहाँ परठोकरें याद रख , पिछली गलती को बार बार न कर
#गुनी…
ऐ गुस्ताख , चाँद की झूठी चाँदनी पर ऐतबार न कर
May 3, 2015
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ऐ गुस्ताख , चाँद की झूठी चाँदनी पर ऐतबार न करदुनियां परायो की है अपना समझ मगर प्यार न करऔर शतरंज का खेल खेलते हैं , परिंदे भी यहाँ परठोकरें याद रख , पिछली गलती को बार बार न कर
#गुनी…