आज मैं तेरे अंहकार को जगाना चाहता हूँसो गई थी जो वीरता उसे उठाना चाहता हूँन बम से, न बन्दुक से, बस तेरे बलबूते परनापाक हैं जो मंजिल, वो गिराना चाहता हूँ
#गुनी …
आज मैं तेरे अंहकार को जगाना चाहता हूँ
Aug 19, 2014
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आज मैं तेरे अंहकार को जगाना चाहता हूँसो गई थी जो वीरता उसे उठाना चाहता हूँन बम से, न बन्दुक से, बस तेरे बलबूते परनापाक हैं जो मंजिल, वो गिराना चाहता हूँ
#गुनी …