एक सुबह उठकर बोला माँ कपडे दो सीमा पर मुझको जाना हैतुम तो मेरी अपनी हो पर अब माँ भारती को भी मुझे बचाना हैदेखो माँ इनको समझ नहीं आता, ये मुझको कायर समझ रहे हैंएक भगत है हर युवा में पडौसी काफ़िर को ये आज दिखाना है
#गुनी…
एक सुबह उठकर बोला माँ कपडे दो सीमा पर मुझको जाना है
Oct 11, 2014
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एक सुबह उठकर बोला माँ कपडे दो सीमा पर मुझको जाना हैतुम तो मेरी अपनी हो पर अब माँ भारती को भी मुझे बचाना हैदेखो माँ इनको समझ नहीं आता, ये मुझको कायर समझ रहे हैंएक भगत है हर युवा में पडौसी काफ़िर को ये आज दिखाना है
#गुनी…