देर से मगर खुदा का इंसाफ यही है उसके घर मे दीपक चार जल गएजिसने किसी खुदा के बंदे के घर में कभी दिया सिर्फ एक जलाया हो
सारे अंधेरे दूर हुए दुःखो के उसके और सारे के सारे ही गम टल गएजिसने खुदा से की हो मौहब्बत खुदा के बंदो को गले लगाया हो
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हकीकत कुछ ये भी है मेरे दोस्तो उनके घर के घर भी जल गएजिन्होंने तेज नफरत की आग से पड़ौसी का ही घर जलाया हो
कुछ ऐसा इंसाफ है उसका, उसके सीने पर तीर हज़ार चल गए जिसने सपने मे भी कोई तीर किसी के सीने पर चलाया हो
#गुनी…