देश में किसको पड़ी है अपने देश कीसब को लगी है, अपने-अपने भेष कीहर कोई जल्दी से ऊँचा उठना चाहता हैकोई शारुख कोई आमिर दिखना चाहता हैआज आजादी का दिन सब भूल गएभगत सिंह और आजाद को भूल गएसबको बस अपनी जेबे भरनी आती हैअपनी अपनी मनमानी करनी आती हैदेवी शक्ति थी दशा को दयनीय बना दियागलती है वो लड़की है जो मर्जी सुना दियाबेटी बड़ी प्यारी किसी और की थी जो मरवा दियाबेटे भी खास थे आतंकवादी थे जो शीश कटवा दियाजानता हूँ सब आधुनिकता के दौर में खो गए हैंऔर शायद मेरे देश के इन्सान तो कहीं सो गए हैंअब मुझे इंतज़ार है किसी वीर के आने कामैं अकेला ही काम कर रहा हूँ तुम्हें जगाने काआशा है तुम को मेरी बात समझ आई होगीतुमने भी साहस की एक ऊर्जा पाई होगीतो आओ सबको मिलकर हाथ बढ़ाना हैदेश के हर बच्चे बच्चे को हमें पढाना हैअब बेटियों को इन दरिंदो से बचाना हैअगर और हैं कसाब तो उन्हें भी शूली पर चढ़ाना है

#गुनी…

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