नमस्कार मित्रो …
ऊँचाईयों को छूने का ख्वाब रख, मगर जुबां को फकीरो सा रखकितनी भी उलझी हो जिंदगी , खुद को तू सीधी लकिरो सा रखबेसक जमाना कितना भी करे रुस्वा तुझे, या कोशिश रुलाने कीतू फूलो सा बन , रोती नहीं खुद को सदा हंसती तस्वीरों सा रख
#गुनी…
नमस्कार मित्रो ...
May 9, 2015
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नमस्कार मित्रो …
ऊँचाईयों को छूने का ख्वाब रख, मगर जुबां को फकीरो सा रखकितनी भी उलझी हो जिंदगी , खुद को तू सीधी लकिरो सा रखबेसक जमाना कितना भी करे रुस्वा तुझे, या कोशिश रुलाने कीतू फूलो सा बन , रोती नहीं खुद को सदा हंसती तस्वीरों सा रख
#गुनी…