ऐसी अजीब थी राहें कि जिधर चला टूटता ही गया दिललाख कोशिशें की फिर भी हासिल न हुई अपनी मंजिलकिसी ने खूब कहा कि, “जिह्वा में इतनी मिठास ले आ”मौहब्बत भी लौट आए वापिस तू खुद को बना काबिल

#गुनी …

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