कोशिश छोटी सी…
क्या फर्क पड़ता, जो खत लिखूं खूं से या स्याही सेऊपरी मन से लिखूं, या लिखूं मैं दिल की गहराई सेअगर वो मुझसे नाराज भी होती तो मैं यूँ मना लेताअफसोस है वो मुझसे नहीं खफा है मेरी परछाई से
#गुनी…
कोशिश छोटी सी...
May 27, 2015
•
2 min read
कोशिश छोटी सी…
क्या फर्क पड़ता, जो खत लिखूं खूं से या स्याही सेऊपरी मन से लिखूं, या लिखूं मैं दिल की गहराई सेअगर वो मुझसे नाराज भी होती तो मैं यूँ मना लेताअफसोस है वो मुझसे नहीं खफा है मेरी परछाई से
#गुनी…