मियां , हिन्द पर सवाल न उठानाहकीकत है कईं सवाल हो जाएंगे
बोलो, तिरंगे की शान के खिलाफ हाल तुम्हारे भी, बेहाल हो जाएंगे
बताओ कब तक, करूँ इंतजार मैं घर में सरहद वाले हाल हो जाएंगे
मेरे घर को, साफ होने दो जालिमइस तरह तो , कईं साल हो जाएंगे
आखिर, नींद टूट जायेगी तेरी भी जब तेरे घर पर, बवाल हो जाएंगे
अरे डूब मरो , तुम शर्म से ही सहीतुम्हारे जैसे कईं दलाल हो जाएंगे
खूं की एकेक, बूंद तक लड़ेंगे हमफिक्र नहीं, बस मिसाल हो जाएंगे
#गुनी…