मैं शब्दों को जोड़कर जाल नहीं रचना बुन देता हूँवर्षो पुराने टूटे सितार के तारो से मैं एक धुन देता हूँमैं कोई अजूबा नया नहीं बस आप सा रचनाकार हूँ गुरमीत सिंह ‘गुनी’ हूँ और देशप्रेम के मैं गुन देता हूँ
#गुनी …
मैं शब्दों को जोड़कर जाल नहीं रचना बुन देता हूँ
Jul 26, 2014
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मैं शब्दों को जोड़कर जाल नहीं रचना बुन देता हूँवर्षो पुराने टूटे सितार के तारो से मैं एक धुन देता हूँमैं कोई अजूबा नया नहीं बस आप सा रचनाकार हूँ गुरमीत सिंह ‘गुनी’ हूँ और देशप्रेम के मैं गुन देता हूँ
#गुनी …