एक जलाकर रावण लगता हो गई अच्छाई की बुराई पर जीतजितने मर्जी जलालो रावण ये भ्रष्टाचारी जरा न होते भयभीतमुरदा जला दो मक्कारो का , जो खेल रहे हैं सांप्रदायिक खेलतब रावण फूको दिल का, जिससे आएगी दिल में सबके प्रीत

#गुनी…

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