सुप्रभात
घाव को नासूर न बना दर्द को चुपचाप सहना छोड़ देवायदो के किले ढेर होते हों तो अपना कहना छोड़ देऔर चल मेरे लिए नहीं मुस्कुराती तो ना मुस्कुरा अबमगर अपने अपनो की खातिर, चुप रहना तो छोड़ दे
#गुनी…
सुप्रभात
घाव को नासूर न बना दर्द को चुपचाप सहना छोड़ देवायदो के किले ढेर होते हों तो अपना कहना छोड़ देऔर चल मेरे लिए नहीं मुस्कुराती तो ना मुस्कुरा अबमगर अपने अपनो की खातिर, चुप रहना तो छोड़ दे
#गुनी…