प्रिये मित्रो एक नया मुक्तक मेरे देश के वीरो को समर्पित और देश के युवाओ से एक अपील…
कर त्याग तू हर माँ सोचे तेरे जैसी उसकी भी औलाद होलड़ जाना शत्रु से दुश्मन घर में ऐसे जैसे कोई फौलाद होफिर से लानी होगी वो अदभुत क्रांति अपने भारत देश मेंआ जाना तू भी साथ निभाने जैसे भगत और आजाद हो
#गुनी…