थोड़ी देरी से पुराने ख्यालो का कच्चा कच्चा रूप…
भारत माता की जय को अब हथियार बनाकर बोलेंगेलेकर के हाथो में तिरंगा हिन्द की गली गली में डोलेंगे
माँ की खातिर हम घर के गद्दारो से भी लड़ जाएंगेखून पसीना एक करेंगे हम दीवारो से अड जाएंगे
फिर मत कहना कैसे हिन्दुस्तानी गांधीवाद को भूल गएदिनकर के सारे वंशज भी कैसे साधुवाद को भूल गए
हिन्द की इस चुप्पी को तुम कायरता का नाम न दोकटने वाले शीशो को चंद सिक्को का दाम न दो
माँ को गाली देने वालो को तुमने देव बनाकर पूजा हैशीश झुकाने वाला भी हिन्दुस्तानी है ना कोई दुजा है
सत्ता के गलियारों में तुम ये फूल चढ़ाना बंद करोअपने घर के रक्षक को ये शूल दिखाना बंद करो
हो संभव तो जुबां काटने का अधिकार हमें दे दोसड़ी गलि फसलो को छाँटने का औजार हमें दे दो
मालूम हमें भी है तुमसे ये तो न हो पायेगा कलयुग में तो कंस भी कान्हा सा पूजा जायेगा
इसमें तुम्हारी कोई गलती या कोई दोष नहीं हैसमस्या तो ये है गद्दी पर कोई पटेल या कोई बोस नहीं है
सच ये भी है आज अपराधी के कंधो पर खादी हैकुछ भी कर लो कह लो भारत में अभिव्यक्ति की आजादी है
#गुनी… जय हिन्द …. भारत माता की जय