नमस्कार एक छोटी सी कोशिश आपके अनुज की
चाहे गद्य लिखूं, चाहे पद्य लिखूं, मौला शक्ति देना इतनी शेरो की आवाज लिखूंचाहे रोके दुनियाँ सारी भी मिलकर मुझको फिर मैं जीने का नया अंदाज लिखूंन बनु सिकंदर, न मुगलिया ताज मिले बस वाणी और सुरो का मुझे साज मिलेन भूत लिखूं न लिखूं भविष्य, मैं सिर्फ अपने सुंदर भारत का सुंदर आज लिखूं
#गुनी…