कुछ लोग बिना बताये , कुछ बताकर शरारत करते हैंकुछ मज़बूरी से, कुछ दरियादिली से हिमायत करते हैंऔर नहीं निभाते, ये रिश्ते भी दिली मौहब्बत से लोगलोगो की छोडो , अब तो अपने ही बगावत करते हैं
कुछ लोग बिना बताये , कुछ बताकर शरारत करते हैं
Jun 29, 2014
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कुछ लोग बिना बताये , कुछ बताकर शरारत करते हैंकुछ मज़बूरी से, कुछ दरियादिली से हिमायत करते हैंऔर नहीं निभाते, ये रिश्ते भी दिली मौहब्बत से लोगलोगो की छोडो , अब तो अपने ही बगावत करते हैं