एक किस्सा है मगर मुझे वो सुनाना नहीं हैदरअसल मेरी सुने, ऐसा तो जमाना नहीं है
इस कम्बख़्त दिल की गहराई बहुत है वैसेमगर उसे नापने वाला, कोई पैमाना नहीं है
यकिनन, असली ज़ख्म मेरे भीतर है कहींमेरे यार मुझे वो किसी को दिखाना नहीं है
मेरा इश्क, मेरी वफ़ा, सब कुछ तेरे हवालेसंभालो इनको वरना मुझे सीखाना नहीं है
चलो आज की शुरुआत, तुम से की जाएसच में मेरे पास आज कोई बहाना नहीं है
लम्बा रास्ता था , मगर सीख कर आया हूँये दिल फिर किसी दिल से लगाना नहीं है
इश्क किया और करता भी रहूंगा तुम्हीं सेराज को राज रखा, नाम तो बताना नहीं है
गुनी शायर, नाकाम ही सही तेरी नजरो मेंअब मुझको , और अधिक कमाना नहीं है
#गुनी…