तेरी याद में आज फिर आधी रात कर दी
मियां चाँद ने अपनी चांदनी साथ कर दीसारा हिसाब मांग लिया आज रिश्तो का
वाह इस बार क्या लाजवाब बात कर दीये आंखें भूल गयी थी चेहरा आंसुओ का
कम्बख्त दिल ने फिर से शुरुआत कर दीतेरे झूठ का सामना तो मैं रोज करता था
आज क्या, गलती से असल बात कर दीमोहब्बत के समंदर की बात की, हमेशा
अचानक, शिकायतों की इफरात कर दी#गुनी…