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Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
पिता ...

पिता ...

मेरे गिरने पर राह में , मुझे उठना सिखाया है

Jun 15, 2014

मुझे याद आती है

मुझे याद आती है

मुझे याद आती है गाँव की बाजरे की रोटी

Jun 15, 2014

जाने दो

जाने दो

जाए कोई अपनी मर्जी से, तुम जाने दो

Jun 14, 2014

मौसम...

मौसम...

मौसम लाजवाब है, मौला इस हवा को यूँ ही बहने दो

Jun 13, 2014

दोहा ...

दोहा ...

बेटी देवी रूप है, मानो इसको शक्ति

Jun 13, 2014

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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