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Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
है तो है

है तो है

अगर मुझे तुमसे मुहब्बत , है तो है

Mar 29, 2017

तुम्हारा मकान तो नहीं

तुम्हारा मकान तो नहीं

​महोतरमा, ये हमारे सीने में तुम्हारा मकान तो नहीं

Feb 5, 2017

नजर मिल गयी

नजर मिल गयी

​एक दफा हमारी, उनसे कहीं नजर मिल गयी

Feb 1, 2017

मेरी हीर है तू

मेरी हीर है तू

रोज ख्वाब में आती है वही तस्वीर है तू

Feb 1, 2017

रविवार है ना

रविवार है ना

​एक साप्ताहिक रचना....

Jan 20, 2017

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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