आज अचानक बचपन की एक घटना याद आ गयी जब बहुत छोटा था विश्वास और अन्धविश्वास से कहीं परे जब मैंने मौहल्ले के कुछ लोगो से सीखा कि बिल्ली रास्ता काट जाये तो अपशगुन होता है एक दिन मेरे घर से की दहलीज से होकर एक बिल्ली निकल गयी मैंने भी चप्पल निकली और लगा पीटने अरे अरे ....