मेरा तो बचपन ही अच्छा था जब न धर्म था न जात थी जब देखा खेलने निकल पड़े अपने दोस्तों के साथ न कोई चिंता न कोई गम बस दोस्त दोस्त है न गरीब है वो न अमीर है वो आज लगता है कि तब जितने लोग गरीब हैं उनके लिए जरुर कुछ करना चाहता था मैं और आज ....क्या हाल है पूछना भी ध्यान नहीं रहता?