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Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
भगत वीर हो जाए

भगत वीर हो जाए

साहस के उठे कदम बगावत की खिलाफत में, सलाखे जंजीर हो जाए

Sep 28, 2014

जिन्दगी बितानी पूरी है

जिन्दगी बितानी पूरी है

मित्रो मौहब्बत में धोखा खाने वालो की कमी नहीं है जग में धोखा खाया हो न खाया हो किसी ने चाहे और अनचाहे किसी से उम्मीद रख लेते हैं हम और आप इसी पर एक पंक्ति से मुक्तक की कोशिश है मेरी...

Sep 28, 2014

इतिहास लिख डाला

इतिहास लिख डाला

यूँ ही लिखते लिखते कविता लिख दी , कभी कविताओ में अहसास लिख डाला

Sep 27, 2014

प्रेम की बरसात होगी

प्रेम की बरसात होगी

तेरे इन पुराने शतरंज के पैतरो से ना सह होगी ना मात होगी

Sep 26, 2014

मन कुंदन कर आया

मन कुंदन कर आया

देखकर तीर्थ बद्री , काशी और हरिद्वार यहाँ पूजा को मन कर आया

Sep 26, 2014

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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