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Archive

Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
सिर्फ और सिर्फ तेरा प्यार था

सिर्फ और सिर्फ तेरा प्यार था

सिर्फ तुम्हारे लिए ....

Jan 18, 2015

बाग़ शमशान न हो जाए

बाग़ शमशान न हो जाए

सुप्रभात मित्रो

Jan 17, 2015

मैं महफूज हूँ सीमा पर

मैं महफूज हूँ सीमा पर

मैं महफूज हूँ सीमा पर, मेरी माँ रोज खुदा से इबादत करती है

Jan 15, 2015

तुम्हे लिखना नहीं आता

तुम्हे लिखना नहीं आता

शुभ प्रभात

Jan 14, 2015

मुझसे ज्यादा प्रेम करे

मुझसे ज्यादा प्रेम करे

खिल जाये फूल और चारो और खुशियों की सुगंध निराली हो

Jan 9, 2015

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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