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Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
हैरान न होईये

हैरान न होईये

गुनी फिर से हाज़िर है खिदमत में जनाब हैरान न होईये

Dec 6, 2016

नजर मिल गयी

नजर मिल गयी

​एक दफा हमारी, उनसे कहीं नजर मिल गयी

Nov 24, 2016

नजर मिल गयी

नजर मिल गयी

एक दफा हमारी, उनसे कहीं नजर मिल गयी

Nov 24, 2016

उम्मीद वफ़ा की

उम्मीद वफ़ा की

जमाने से मैं उम्मीद लगाकर बैठा था वफ़ा की

Nov 18, 2016

ख्वाब रह गया

ख्वाब रह गया

छिप गया चाँद देखो चेहरे पर सिर्फ नकाब रह गया

Nov 17, 2016

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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