गुनी फिर से हाज़िर है खिदमत में जनाब हैरान न होईये
Dec 6, 2016
एक दफा हमारी, उनसे कहीं नजर मिल गयी
Nov 24, 2016
एक दफा हमारी, उनसे कहीं नजर मिल गयी
जमाने से मैं उम्मीद लगाकर बैठा था वफ़ा की
Nov 18, 2016
छिप गया चाँद देखो चेहरे पर सिर्फ नकाब रह गया
Nov 17, 2016