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Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
कहाँ किसी ने रोका है

कहाँ किसी ने रोका है

आकाश के परिंदों की उड़ान को कहाँ किसी ने रोका है

Nov 16, 2016

जिस्म बेकार में है

जिस्म बेकार में है

तुझे ख्याल भी है इस बात का, गुनी कबसे तेरे इंतजार में हैं

Nov 16, 2016

अजान की जरूरत क्या है

अजान की जरूरत क्या है

सफर लम्बा हो तो रास्तो में , अभिमान की जरूरत क्या है

Nov 13, 2016

तेरी मौजूदगी इनायत हो गयी

तेरी मौजूदगी इनायत हो गयी

मेरी जिंदगी के इस नायाब सफर में, तेरी मौजूदगी इनायत हो गयी

Nov 4, 2016

किताबो में लिखा है,

किताबो में लिखा है,

गुनहगार को मौत तक , आसानी से नहीं आती

Nov 3, 2016

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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