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Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
मुजस्सिमा हो गया हूँ

मुजस्सिमा हो गया हूँ

​जब से गयी हो मैं मुजस्सिमा हो गया हूँ

Dec 22, 2016

खत नामंजूर हुआ है

खत नामंजूर हुआ है

​भला ऐसा हुआ है कभी लहरें समन्दर से नाता तोड़ लें

Dec 20, 2016

मेरे बारे में ख्याल क्या है

मेरे बारे में ख्याल क्या है

ख्वाब से निकलकर पूछ लो मेरा हाल क्या है

Dec 18, 2016

गुनी का कहाँ कोई कसूर रखा है

गुनी का कहाँ कोई कसूर रखा है

​कम्बख्त ने खुद को बड़ा मशहूर रखा है

Dec 17, 2016

असल किरदार में आ

असल किरदार में आ

​वाकई खबर है तो आ, किसी अखबार में आ

Dec 15, 2016

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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