सिर्फ तुम्हारे लिए आज फिर एक बार …

मैं आज भी हर शाम तेरे आने का इंतजार करता हूँकल ही की तरह, मैं आज भी तुझसे प्यार करता हूँ

दूरियां बड़ी तो क्या रिश्ते आज भी यूँ ही कायम हैपुराना छोड़ो मैं फिर मौहब्बत का इजहार करता हूँ

तेरे जाने के बाद भी आज तलक न चाहा किसी कोना चाहूँगा अब मैं आज खुलेआम इकरार करता हूँ

लाख कोशिश करे ये जमाना मुझे गुमराह करने कीखरीददार नहीं प्यार का ऐलान सरे बाजार करता हूँ

खुदाया नूर नजर आने लगा है इस काफ़िर को तुझमेदिल नहीं भरता तो दिन मे सजदा बार बार करता हूँ

अब तेरी खुशी से बढ़कर न खुशी कोई सारे जहां मेसाथ रहूँ तेरे कि तेरे साय का अदा किरदार करता हूँ

कि मुझे वक़्त भी मालूम नहीं अगली मुलाकात कासिर्फ तुझे पाने की चाहा में दुआ हर मजार करता हूँ

जानता हूँ कि किसी जौहरी के हीरे के काबिल नहीं कोहिनूर पाने की कोशिश में गलती हज़ार करता हूँ

रात सपने मे खुदा से तुझे मांग लिया खुदा ने कहारे मूर्ख मैं रोज नहीं कभी कभी चमत्कार करता हूँ

कोई शक नही ये बात सच है कि मुझे तुझसे इश्क हैतेरी खुशियो की खातिर तेरे मेरे बीच दीवार करता हूँ

ओह हो तू कहाँ हकीकत मान बैठी मेरी बातो कोगुनी हूँ मैं यूँही लिखने मे सारी रात बेकार करता हूँ

#गुनी…