ढूंढने निकल जाएँ उन्हें तो हम हर शहर जाते हैंमिलना की हो इच्छा तो ख्याल हर पहर आते हैंसुख दुःख, मोह माया, तो खेल है बनाया राम कामुश्किलों भरा हो रास्ता तो हम कहाँ ठहर जाते हैं