उड़ते परिंदे सी तू ऊँची उड़ान तो भर दे सके दान पेड़ो सा दयावान तो बन तेरे दीदार को, तेरा भगवान भी तरसे तू मरते के लिए उसके प्राण तो बन

खूनदान महादान जीवनदान ……