हमने अमीरों के घर को गरीबो के खून से चिनते देखा हैगरीब को अच्छाईयां और अमीर को नोट गिनते देखा हैदुनिया में गरीब तो बस यूँ ही बेवजह बदनाम है वरना हमने इन्हें चंद खुशियों को कसोरे में बिनते देखा है