मेरी जिंदगी के इस नायाब...
Category: ग़ज़ल
एक दफा ऐतबार तो कीजिए
लो भैया हाज़िर है ये अदना...
हर्ज ही क्या है
दिल की बात बताने में, हर्ज...
वही मेरी नजर में है
जाने कब से मेरा दिल तेरे...
कल तलक तो मौहब्बत भी सवालो में थी
मियां कल तलक तो मौहब्बत...
हर शख्स इंसान नहीं है
जितनी लगती है, जिंदगी...
क्या कमाल लिख दिया
पुराने - पुराने किस्सों...
मुझे चंद पलो की रवानी दे दी
मुझे चंद पलो की रवानी दे...
कैसी प्रीत हो गई हो
बेवक़्त आती हो , कैसी प्रीत...
भला रूह के बिन भी कोई जिंदगानी है
मेरी दास्ताँ शायद कोई...