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Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
शब्द...

शब्द...

आसमाँ को देखकर , ऊँचा उठने को मन करता है

Jun 24, 2014

वो चित्रकार है बड़ा

वो चित्रकार है बड़ा

क्या आकार है मालिक का, ये मैं बता नहीं सकता

Jun 22, 2014

तो मेरा जवाब सुनिए जनाब

तो मेरा जवाब सुनिए जनाब

Amin bhai please is group ka naam change karke GURMEET SINGH ‘GUNNI’ KI PAKKAU SHAAYARIYAN kar do!

Jun 21, 2014

चौपाई छंद

चौपाई छंद

वीर खड़े सीमा पर तपते।

Jun 20, 2014

भारत माँ का वंदन ( भारत माँ की जय होने दो )

भारत माँ का वंदन ( भारत माँ की जय होने दो )

ये मेरा पहला प्रयास है। मेरी एक रचना जिसकी वजह से मैं यहाँ तक पहुंचा हूँ उसी को गीतिका में ढालने की कोशिश की। क्यूंकि रचना गीतिका से मेल खाती हुयी थी अतः अगर सफल रहा तो बहुत अच्छा अन्यथा अच्छा और मैं गीतिका के लिए प्रयासरत रहूँगा। मेरी इस कृति पर सभी से निवेदन है समीक्षा अवश्य दें। ताकि मैं इसे और अच्छा रूप दे सकूँ।

Jun 19, 2014

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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