ये मेरा पहला प्रयास है। मेरी एक रचना जिसकी वजह से मैं यहाँ तक पहुंचा हूँ उसी को गीतिका में ढालने की कोशिश की। क्यूंकि रचना गीतिका से मेल खाती हुयी थी अतः अगर सफल रहा तो बहुत अच्छा अन्यथा अच्छा और मैं गीतिका के लिए प्रयासरत रहूँगा। मेरी इस कृति पर सभी से निवेदन है समीक्षा अवश्य दें। ताकि मैं इसे और अच्छा रूप दे सकूँ।