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Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
गहरी नींद

गहरी नींद

हँसाते हँसाते कल, मैं आज रोया भी हूँ

Sep 1, 2014

कल-आज-कल

कल-आज-कल

भावुकता की पंक्तियाँ

Sep 1, 2014

जन्मदिन मुबारक

जन्मदिन मुबारक

ऐ दोस्त तुम्हे तुम्हारी खुशियों का हर दिन मुबारक

Aug 31, 2014

मिटाया हर दर्द

मिटाया हर दर्द

पाया तुमको अब खुशियों का ठिकाना न रहा

Aug 30, 2014

प्रेम आता है

प्रेम आता है

पंछी पानी पीता है और उड़ जाता है

Aug 30, 2014

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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