Logo
Search
Login
Sign Up
Logo

Archive

Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
हर खंजर पुराना होगा

हर खंजर पुराना होगा

शुभ संध्या

Sep 19, 2014

सेना ने बचाया है

सेना ने बचाया है

बात हो उतराखंड में बादल फटने की सेना ने हमें बचाया है

Sep 18, 2014

दोस्ती में टूटने

दोस्ती में टूटने

मित्रो मौहब्बत में दिल तो टूटते हैं मगर क्या कभी दोस्ती में जख्म खाते देखा है नहीं तो ये देखिये....

Sep 17, 2014

पूर्ण विराम लगाता हूँ

पूर्ण विराम लगाता हूँ

तूने बनाया यूँ मजबूर इतना मैं सरेआम इल्जाम लगाता हूँ

Sep 17, 2014

ना बात करनी है

ना बात करनी है

ना मुलाकात करनी है, ना बात करनी है

Sep 16, 2014

Load more

गुरमीत सिंह "गुनी"

© 2026 गुरमीत सिंह "गुनी".
beehiivPowered by beehiiv