Logo
Search
Login
Sign Up
Logo

Archive

Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
ठिकाना बदल लिया है मंजिलो ने

ठिकाना बदल लिया है मंजिलो ने

हमारे बीच फ़ासलें ही ज्यादा थे हमेशा से कि समझ नहीं आता

Apr 2, 2016

स्वागत मेरा, मेहमान करते हैं

स्वागत मेरा, मेहमान करते हैं

खुद को बड़ा अकेला महसूस करता हूँ आजकल

Mar 14, 2016

कोई भी मर लेता

कोई भी मर लेता

बात सिर्फ हिफ़ाजत की होती तो कोई भी कर लेता

Mar 7, 2016

मेरा दख़ल मुनासिब न था

मेरा दख़ल मुनासिब न था

तेरी जिंदगी में मेरा दख़ल मुनासिब न था

Feb 28, 2016

ईद ही भूल गया

ईद ही भूल गया

इतना व्यस्त हो चला भाग दौड़ में

Feb 27, 2016

Load more

गुरमीत सिंह "गुनी"

© 2026 गुरमीत सिंह "गुनी".
beehiivPowered by beehiiv