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Dive into a collection of past posts and rediscover timeless content.
कोई लिबास नहीं रखता

कोई लिबास नहीं रखता

टूटा हुआ है दिल हर किसी पर विश्वास नहीं रखता

May 31, 2016

कसूर तस्वीरों का है ही नहीं

कसूर तस्वीरों का है ही नहीं

कसूर तस्वीरों का है ही नही

May 29, 2016

कोई शरारत कर रहा हूँ मैं

कोई शरारत कर रहा हूँ मैं

सुप्रभात

May 25, 2016

कौन अपना, और कौन पराया

कौन अपना, और कौन पराया

छोले मिलते देखें होंगे किसी चौराहे पर बेकार वाले ....

May 22, 2016

थोड़ा तो सुकून है

थोड़ा तो सुकून है

आजकल मेरा दिल लगने लगा खुदा की बंदगी में

May 17, 2016

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गुरमीत सिंह "गुनी"

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